परलोक

जिनके वंश में कोई भी न हो, उन पितृगण को तृप्त करने की विधि जानिए

ॐ आब्रह्मस्तम्बपर्यन्तं देवषिंपितृमानवा: ।तृप्यन्तु पितर: सर्वे मातृमातामहादय: ॥अतीतकुलकोटीनां सप्तद्वीपनिवासिनाम् ।आ ब्रह्मभुवनाल्लोकादिदमस्तु तिलोदकम् ॥येऽबान्धवा बान्धवा वा येऽन्यजन्मनि बान्धवा: ।ते सर्वे तृप्तिमायान्तु मया दत्तेन वारिणा ॥ अर्थात,… Read More »जिनके वंश में कोई भी न हो, उन पितृगण को तृप्त करने की विधि जानिए